[दीवान]मंटो के नाम ख़त

Prakash K Ray pkray11 at gmail.com
Thu May 11 00:30:07 CDT 2017


कभी मंटो को यह ख़त लिखा था-

मेरी तरफ से सौवें जन्मदिन की मुबारकबाद कबूल करो। हां, थोड़ी देर हो गयी। बात
यह है मंटो, असल में मैं तुम्हें कोई मुबारकबाद भेजने वाला नहीं था। शायद
मिट्टी के नीचे दबे तुम अब भी खुदा से बड़ा अफसानानिगार होने के अपने दावे या
खुशफहमी से जिरह कर रहे होगे। ऐसे में तुम मेरा खत क्या पढ़ते! लेकिन बात कुछ
ऐसी हुई कि बिना लिखे रहा न गया।
https://bargad.org/2012/05/15/letter-to-manto/


Prakash K Ray
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*Don't grieve. Anything you lose comes around in another form.* - Rumi
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