[दीवान]सिनेमा वाया बैचलर किचनः

vineet kumar vineetdu at gmail.com
Sun May 7 09:49:59 CDT 2017


  आप खाईए हमारे हाथ का खानाः सर्वहारा स्टूडियो बनाएगा आपके लिए सिनेमा


बैचलर्सकिचन के अपडेट्स देखकर आपकी हमेशा लगातार शिकायत रही है कि हमलोग अपने
यहां कभी क्यों नहीं बुलाते ? खुलासे के इस दौर में आखिर आपको भी तो पता चले
कि आखिर फेसबुक टाइमलाइन पर बिछी तस्वीरों के पीछे का सच क्या है ?.. तो
लीजिए, अब आपकी शिकायत हुई खत्म. हम आपको बुला रहे हैं अपने बैचलर किचन में.
लेकिन एक छोटी सी शर्त के साथ..

शर्त ये है कि हम( मेरे जैसे कई बैचलर/ सिंगल ) बारी-बारी से अपने बैचलर किचन
में आपके लिए खाना बनाएंगे. खाने की चीजें पहले से आपको बता देंगे. बावजूद
इसके आपको कुछ अलग से खाने की इच्छा हो तो हमें जरुर बताएं. खाने के नाम पर
दायें-बायें नहीं, प्रॉपर लंच या डिनर होगा. आप जितनी मर्जी चाहें, खा सकते
हैं. कोई आम या खास है तो टेस्ट कराने के लिए एक-दो बाइट/ चम्मच ले भी जा सकते
हैं. हमारी रसोई में सिल्वर फॉयल का इंतजाम आपकी भावना को ध्यान में रखते हुए
पहले से होगा. स्टार्टर, स्नैक्स, मॉकटेल ये सब अपनी सुविधा और श्रद्धानुसार.

बदले में आपको स्टूडियो सर्वहारा यानी पवन ( Pawan K Shrivastava
<https://www.facebook.com/pawan.k.shrivastava>) और उनकी टीम को उनकी आनेवाली
फिल्म Life of an Outcast बनाने में मदद करनी होगी. फिल्म की शूटिंग लगभग पूरी
कर ली गयी है लेकिन पोस्ट प्रोडक्शन का पूरा काम बाकी है और असल खर्चा यहीं है.

पवन और उनकी टीम के लिए अलग से कुछ भी लिखना सिनेमा बनाने की जद्दोजहद के
इतिहास में उस खूबसूरत पन्ने को भुला देने जैसा होगा जिस पर ये बात मजबूती से
दर्ज है कि एक जुनूनी और वैचारिक स्तर पर डटे रहनेवाले नौजवान ने आपके
बीस-पचास-सौ-हजार के सहयोग से विस्थापन( माइग्रेशन ) की त्रासदी पर "नया पता"
जैसी मार्मिक फिल्म बनायी है. पवन ने उसके बाद भी दूसरी फिल्म के लिए बेहतरीन
कोशिश की. प्रोड्यूसर साथ भी आए लेकिन सब इत्मिनान, संवेदना और सिनेमा बनाने
के पीछे के उद्देश्य को धंधे की चमक के आगे समझ नहीं पाते सो बात वहीं रह गयी.
लिहाजा पवन का यकीं आप पर और गहरा हो गया कि यदि आप मन का सिनेमा चाहते हैं तो
उस मन में आपका ही धन शामिल होना चाहिए. एक छोटी सी कोशिश के लिए, मामूली
सहयोग..और फिर बैचलर्स किचन के दर्शन तो आपका आदिम शौक रहा ही है.

..तो हजरात/ खातून. हर आठ-दस दिन में हम बैचलर आपके लिए बनाएंगे खाना और आप
बनाएंगे अपने मन का सिनेमा. इस कड़ी में पहली किस्त पवन से ही. सबसे पहले पवन
ने आपको न्यौता दिया है. सारी सूचनाएं पोस्टर में शामिल है. हर बैचलर किचन की
अपनी क्षमता है. ऐसे में आप कितने लोगों को हम होस्ट कर पाएंगे, ये अलग से बता
देंगे जिससे किसी तरह की दिक्कत न हो. पवन के लिए 20 से ज्यादा लोगों को संभाल
पाना संभव नहीं है. इस बीस में हमारी तरफ से आमंत्रित पत्रकार दोस्त भी शामिल
हैं.

अपने आने की सूचना पोस्टर में दी गयी मेल आईडी पर करें या चाहें तो
दोस्ती-यारी में पवन को इनबॉक्स कर दें. संख्या पूरी होते ही वो अब और नहीं की
घोषणा कर देंगे. जो रह जाएंगे वो अगली बार मेरी रसोई में. पवन के ठीक बाद. फिर
उसके बाद, फिर उसके बाद..
[image: Image may contain: food]
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