[दीवान]मीडिया का जो पक्ष हमें दिखाई नहीं देता

vineet kumar vineetdu at gmail.com
Sat Feb 7 22:46:59 CST 2015


वीण के डोगरा( Millennium Post) ने मीडिया,राजनीति और मालिकाना हक को लेकर
"the media we don't see" शीर्षक से स्टोरी की है. फोन पर हुई लंबी बातचीत का
एक पक्ष मेरा भी इस स्टोरी में शामिल किया है जिसमे मैंने अफनी समझ से इस बात
पर जोर दिया है कि जिसे आप राजनीति,मीडिया और कार्पोरेट तीन अलग-अलग संस्थान
समझ रहे हैं, अपनी प्रैक्टिस और बिजनेस में अलग नहीं है. जी न्यूज के मालिक
आपको भाजपा की रैली में खुलेआम वोट मांगते नजर आते हैं, कॉर्पेोरेट मीडिया का
झुकाव सीधे तौर पर एक खास पार्टी की तरह देख सकते हैं और अब तो ये इतना साफ है
कि कोई भी आसानी से इस ग्रामर को समझ सकता है. स्टोरी अपने समय के मीडिया को
लेकर कुछ जरूरी सवाल उठाती है, पूरी पढ़कर प्रतिक्रिया दीजिएगा.
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