[दीवान]बिजनेस चैनल की इस बेईमानी का क्या करें ?

vineet kumar vineetdu at gmail.com
Sun Mar 30 22:49:54 CDT 2014


बिज़नेस चैनल और न्यूज़ चैनल में कोई फर्क नहीं रह गया है बल्कि जिस समय
जो शो जी न्यूज़ पर प्रसारित होता है उसी समय जी बिज़नेस पर भी. ऐसे में
सवाल है कि जब एक ही कंटेंट रखनी है तो बिज़नेस चैनल का नाम और लाइसेंस
क्यों ?
दूसरी बात कि जब दिन-रात बिज़नेस चैनल पर वही मोदी- राहुल होना है तो कम
से कम पॉलिटिक्स को पोलिटिकल मार्केटिंग के हिसाब से भी तो डिस्कस करो.
दर्शक को बताओ तो सही कि ये चुनाव कितने अरब का कारोबार बन चका है.

वैसे तो देश और दुनिया से जुडी हर छोटी-बड़ी खबर बिज़नेस चैनल पर आते ही
धंधा के रूप में डिस्कस किये जाते हैं, यहाँ तक कि मानवीय भाव और संवेदना
से भी जुडी ख़बरें भी लेकिन राजनीति और करोड़ों रुपये पानी की तरह
बहनेवाली पार्टियों की खबर बिज़नेस चैनल के लिये भी सिर्फ राजनीति की खबर
है.
बिज़नेस चैनल की लाइसेंस और नाम लेकर भी जो चैनल बिज़नेस और धंधा की बात
दर्शक को नहीं बताते वे चैनल लाख सच दिखने-दिखाने का दावा करें लेकिन
अपने बिज़नेस पैटर्न में गड़बड़ है और दर्शक के साथ सीधे-सीधे धोखा है

आप डिश टीवी या केबल ऑपरेटर को बिज़नेस चैनल और न्यूज़ चैनल के लिये
अलग-अलग पैसे देते है,दोनों की अलग पैकेज होती है लेकिन दोनों में न केवल
एक ही शो देखने को मिलते है बल्कि एंकर से लेकर एक्सपर्ट तक एक होते है,
चैनल तो एक शो के खर्चे से दो शो की trp और revenue बटोर रहा है,बिज़नेस
चैनल की अलग केटेगरी के अवार्ड भी ले रहा है लेकिन आप-हम दर्शक को
अलग-अलग पैसे देने पर भी एक ही शो देखने को मिल रहे है. आप सरोकारी
पत्रकारिता के सवाल को जाने दीजिये, ये देखिये कि ये सारे चैनल धंधे के
स्तर पर भी कितना झोल पैदा करते है,असल में ये बेइमान है


More information about the Deewan mailing list