[दीवान]आइसक्रीम का वो आधा हिस्सा( लप्रेक)

vineet kumar vineetdu at gmail.com
Sat Sep 28 04:21:44 CDT 2013


मां, ऐसा क्या लिखा है इस नोटबुक में कि तुम तब से मुस्करा रही हो, देखूं तो
सही ? कुछ नहीं मिली..मैं बस अतिरेक..उसने अभी फोन करके बताया कि उसकी नोटबुक
टेबल पर छूट गई है और वो रिलाएंस फ्रेश में भटक रहा है कि और क्या-क्या चीजें
खरीदनी है, एक बार मैं पढ़कर बता दूं.
तो इसमे हंसने की क्या बात है- वही शेविंग फोम, ऑफ्टर शेव, परफ्यूम, टाई
क्लिप, शू क्रीम सब लिखे होंगे. ये उसकी पुरानी आदत है..बाकी सारी चीजें याद
रहती है, वीकएंड में क्या खरीदनी है, बस यही याद नहीं रहता.
नहीं मिली, मैं इस बात पर नहीं हंस रही थी..वैसे तुम्हें तो खुश होना चाहिए कि
वो पहले से सब नोट कर लेता है. ये कहते हुए मांजी ने अतिरेक की नोटबुक मिली के
आगे बढ़ा दिए थे.
बाल कटवाना, सर्विसिंग सेंटर जाना,......और दोपहर में मिली से लड़ाई करना.
वर्क लिस्ट में मिली से लड़ाई देखकर मिली की त्योरी चढ़ गई थी. अच्छा तो ये
चोट्टा मेरे से लड़ाई भी प्लान से करता है, आ आज तू घर बताती हूं तेरे को.

तू तब से क्या आप ही बड़बड़ाए जा रही है. कुछ नहीं मांजी..आपके लाड़ले को
न्यूज चैनल में नहीं, प्लानिंग कमीशन में होना चाहिए था..वो मुझसे आज लड़ेगा,
उसे भी वर्क लिस्ट में डालता है.

मिली बेटा, अतिरेक मेरा लाड़ला है और तुम्हारा कुछ नहीं. तो फिर क्यों रोज
डिनर के बाद जब तेरे लिए कॉर्नेटो लेने लगती हूं इसके पहले ही तू बोल पड़ती
है- नहीं मांजी, हम और अतिरेक एक में ही खा लेंगे. तब तो मेरा लाडला भी ये भूल
जाता है कि बचपन में वो मेरे हिस्से की आइसक्रीम और आलू फेंककर समोसे की
पापड़ी खा जाया करता था. मैं उसे दे भी देती थी..आइसक्रीम का वो आधा हिस्सा अब
इस बुढ़ापे में पूरा मिलता है मुझे लेकिन तब मुझे ये पूरा हिस्सा भी तो आधा ही
लगता है न. ( लप्रेक)
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