[दीवान]न्यूज चैनल का नया तमाशा

vineet kumar vineetdu at gmail.com
Fri Sep 27 10:40:26 CDT 2013


चैनलों ने पौने छह साल के कौटिल्य को मदारी का बंदर बना दिया है. हरियाणा(
झझर) के इस बच्चे की खास बात है कि इसे महज तीन महीने में पूरी एटलस याद हो गई
है और बाकी विषय के सवालों के जवाब याद हैं. पहले तो चैनलों ने इसे खबर की
शक्ल में दिखाया, तब तक तो ठीक था लेकिन देख रहा हूं कि एक-एक करके चैनल उनके
साथ कौन बनेगा करोड़पति टाइप के गेम शो खेलने लगे हैं.

कल जब इंडिया न्यूज पर दीपक चौरसिया के साथ इसी तरह के गेम शो "जीनियस का
टेस्ट लाइव" देख रहा था जिसमे दीपक चौरसिया पूरी तरह बोलने से लेकर चेक देने
के अंदाज में अमिताभ बच्चन बनने की कोशिश कर रहे थे तो लगा कि चलो ये दीपक
चौरसिया है. इस तरह की चिरकुटई वो पहले भी कई बार कर चुके हैं, बाइक पर जॉन
इब्राहिम के साथ बिना हेलमेट पहले नोएडा गौतमबुद्ध नगर से गुजर चुके हैं औऱ
हिस्स फिल्म के दौरान भी जंगल-झाड़ियों के बीच मल्लिका शहरावत का इंटरव्यू कर
चुके हैं. बीच-बीच में अच्छा भी लगा कि कुछ नहीं तो उन्हें बच्चों से बात करने
की बेहद संजीदा तरीके मालूम हैं और हो न हों अपने निजी जीवन में बहुत ही अच्छे
बाप हों. वो ये खेल आज भी जारी है. उसे आज बाकायदा कुर्ते पायजामे और लाल तिलक
में चैनल पर उतारा गया है. उसे सरस्वती पुत्र करार दिया. लेकिन

यही तमाशा जब इंडिया टीवी पर एंकर और साथ ही गायिका शिवानी कश्यप के साथ देखा
तो लगा कि अब इसका दोहन हो रहा है. आप सोचिए कि हम कैसे समाज में जीते हैं
जहां किसी का चीजों को ठीक-ठीक याद रखना एक तमाशा बन जाता है और ऐसा तमाशा कि
चैनल के एंकर जमूरे बनकर उन्हें मदारी के बंदर बनाकर छोड़ते हैं. चैनलों के
लिए बच्चे कितने बड़े तमाशे हैं कि जब वो गड्ढे में गिरकर जान के लिए लड़े तब
भी मदारी का हिस्सा होता है और एटलस याद कर एक मिसाल कायम करे तो भी..ये किसी
भी तरह से प्रतिभा का सम्मान नहीं उसके साथ भद्दा मजाक और भौंड़ापन है
[image: चैनलों ने पौने छह साल के कौटिल्य को मदारी का बंदर बना दिया है.
हरियाणा( झझर) के इस बच्चे की खास बात है कि इसे महज तीन महीने में पूरी एटलस
याद हो गई है और बाकी विषय के सवालों के जवाब याद हैं. पहले तो चैनलों ने इसे
खबर की शक्ल में दिखाया, तब तक तो ठीक था लेकिन देख रहा हूं कि एक-एक करके
चैनल उनके साथ कौन बनेगा करोड़पति टाइप के गेम शो खेलने लगे हैं. कल जब इंडिया
न्यूज पर दीपक चौरसिया के साथ इसी तरह के गेम शो "जीनियस का टेस्ट लाइव" देख
रहा था जिसमे दीपक चौरसिया पूरी तरह बोलने से लेकर चेक देने के अंदाज में
अमिताभ बच्चन बनने की कोशिश कर रहे थे तो लगा कि चलो ये दीपक चौरसिया है. इस
तरह की चिरकुटई वो पहले भी कई बार कर चुके हैं, बाइक पर जॉन इब्राहिम के साथ
बिना हेलमेट पहले नोएडा गौतमबुद्ध नगर से गुजर चुके हैं औऱ हिस्स फिल्म के
दौरान भी जंगल-झाड़ियों के बीच मल्लिका शहरावत का इंटरव्यू कर चुके हैं.
बीच-बीच में अच्छा भी लगा कि कुछ नहीं तो उन्हें बच्चों से बात करने की बेहद
संजीदा तरीके मालूम हैं और हो न हों अपने निजी जीवन में बहुत ही अच्छे बाप
हों. वो ये खेल आज भी जारी है. उसे आज बाकायदा कुर्ते पायजामे और लाल तिलक में
चैनल पर उतारा गया है. उसे सरस्वती पुत्र करार दिया. लेकिन यही तमाशा जब
इंडिया टीवी पर एंकर और साथ ही गायिका शिवानी कश्यप के साथ देखा तो लगा कि अब
इसका दोहन हो रहा है. आप सोचिए कि हम कैसे समाज में जीते हैं जहां किसी का
चीजों को ठीक-ठीक याद रखना एक तमाशा बन जाता है और ऐसा तमाशा कि चैनल के एंकर
जमूरे बनकर उन्हें मदारी के बंदर बनाकर छोड़ते हैं. चैनलों के लिए बच्चे कितने
बड़े तमाशे हैं कि जब वो गड्ढे में गिरकर जान के लिए लड़े तब भी मदारी का
हिस्सा होता है और एटलस याद कर एक मिसाल कायम करे तो भी..ये किसी भी तरह से
प्रतिभा का सम्मान नहीं उसके साथ भद्दा मजाक और भौंड़ापन है]
<https://www.facebook.com/photo.php?fbid=10201881393614183&set=a.10200486778069666.2195810.1163764868&type=1&relevant_count=1&ref=nf>
-------------- next part --------------
An HTML attachment was scrubbed...
URL: <http://mail.sarai.net/pipermail/deewan_mail.sarai.net/attachments/20130927/d3c3095e/attachment.html>


More information about the Deewan mailing list