[दीवान]मिलिए न्यूज एक्सप्रेस के इस बेहया रिपोर्टर से

vineet kumar vineetdu at gmail.com
Fri Jun 21 09:28:55 CDT 2013


वैसे तो मीडिया की बेशर्मी और मानवता, सरोकार को कलंकित करते रहना कोई घटना न
होकर रुटीन का हिस्सा रहा है. अब आए दिन ये उसकी रुटीन में शामिल हो गया है कि
कैसे मानवता का,सरोकार का, न्यूनतम स्तर की भी आदमियत का गला घोंटकर पैसे
उगाही और मंडी को चमकाने के काम किए जाएं. उत्तराखंड में आयी बाढ़ से तबाही के
संदर्भ में हम इसे इन दिनों रोज देख ही रहे हैं. लेकिन

न्यूज एक्सप्रेस चैनल के संवाददाता नारायण वरगाही ने जो कुछ किया है, वो
मानवता औऱ सरोकार के दायरे से हटकर बाकायदा कानूनी कार्रवाई की मांग करता
है...आप में से जिन लोगों को नारायण पर आस्था है, धक्का लगेगा कि ऐसे भी किसी
हायवान का नाम नारायण हो सकता है ? इस हरकत के लिए उन्हें चैनल से तत्काल
निलंबित किए जाने और पत्रकारिता के पेशे से चलता कर देने के अलावे शायद ही कोई
दूसरी सजा हो. कायदे से प्रावधान ये होनी चाहिए कि नारायण पर वो तमाम धाराएं
लगायी जाए जो मानवाधिकार के हनन के अन्तर्गत आते हैं.

<http://4.bp.blogspot.com/-T87bCiLBuxo/UcRd9FliGeI/AAAAAAAAEgw/RpCM0KEwygA/s1600/newx+1.PNG>
इस संवाददाता ने अपने से आधी उम्र और वजन के गरीब,लाचार एक शख्स के कंधे पर
चढ़कर न केवल पीटूसी दिया बल्कि वो शख्स बड़ी मुश्किल से आगे बढ़ता रहा और ये
बेशर्म उस पर चढ़कर टहल्ला मारता रहा. वो उत्तराखंड सरकार का पर्दाफाश करने
निकला है लेकिन इस वीडियो को देखकर किसका क्या औऱ कितना पर्दाफाश हो रहा ये इस
संवाददाता को पता नहीं है. ये उसकी उस दासप्रथा के समर्थन का सूचक है जहां हाथ
में माइक आते ही बाकी पूरे जमाने को अपना गुलाम समझता है.

अगर ये दलील दी जाए कि संवाददाता अगर खुद पानी में चलकर पीटूसी देता तो दिक्कत
होती तो अव्वल ये बेशर्मी के अलावे और कुछ नहीं है. सवाल है कि ऐसी जगह से
पीटूसी देने की जरुरत क्यों पड़ गयी और दूसरा कि अगर आप वीडियो को ध्यान से
देखें तो पानी इतना भी अधिक नहीं है कि किसी शख्स क्या, दूसरी किसी भी चीज पर
चढ़कर दी जाए..बहुत ही आसानी से बिना किसी पर सवार हुए ये काम किया जा सकता
था. लेकिन

न्यूज एक्सप्रेस के इस संवाददाता ने जो ये घटिया हरकत की है वो किसी मजबूरी के
तहत नहीं बल्कि बाकी संवाददाताओं से अलग दिखने, फैशन के तहत किया गया है. आप
गौर करें तो उत्तराखंड और यहां तक कि दिल्ली में भी बाढ़ के नाम पर जो भी
खबरें दिखाई जा रही है, इस तबाही के बीच भी चैनल और उनके संवाददाता अपने फैशन
औऱ अलग दिखने की हरकत से बाज नहीं आते. आजतक पर अंजना कश्यप जैसी संवाददाता
जहां वोटिंग करती नजर आयी तो इधर न्यूज एक्सप्रेस का ये बेशर्म उससे कहीं चार
कदम आगे निकलकर सीधे एक कमजोर शख्स के कंधे पर से ही पीटूसी करने लगा. इस
वीडियो को देखने के बाद आपको लगता है कि मीडिया के भीतर इंसानियत तो छोड़िए
बेसिक दिमाग भी बचा है कि इस तरह की हरकतें करने का क्या अंजाम हो सकता है ?
इस तरह के फैशन के तहत पीटूसी करने से हम संवाददाता से कितने गहरे जुड़ पाते
हैं, इस सवाल को तो छोड़ ही दीजिए, दर्शक इस मीडिया को कितनी हिकारत की नजर से
देखता है और बिना किसी छानबीन के सहज ही अंदाजा लगा लेता है कि वो किस घटिया
सोच और स्ट्रैटजी से पत्रकारिता के नाम पर गंध मचाने का काम कर रहा है ?

इस वीडियो में तो सिर्फ संवाददाता दिखाई दे रहा है लेकिन क्या कैमरामैन ने भी
यही काम किया और वो भी किसी लाचार और कमजोर के कंधे पर चढ़कर शूट किया..मीडिया
के इन घिनौने चेहरे पर सिर्फ विमर्श करने का नहीं बल्कि उस पर लगातार उंगली
उठाते रहने का समय है..नहीं तो एक दिन सत्ता, कार्पोरेट और अपने टुच्चे
स्वार्थ के आगे मीडिया के ऐसे लोग इस समाज को हमारे जीने लायक नहीं रहने देंगे.

वीडियो लिंक- http://www.facebook.com/photo.php?v=4774292447554
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